Wednesday, March 4, 2026
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लखनऊ में मोहन भागवत और सीएम योगी एक मंच पर: गीता प्रेरणा उत्सव में धर्म, कर्तव्य और जीवन शैली पर बड़ा संदेश

लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क में पहली बार दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव का आयोजन, मोहन भागवत और सीएम योगी एक मंच पर

लखनऊ में रविवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ही मंच साझा किया। यह भव्य कार्यक्रम दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव का उद्घाटन था, जिसे जिओ गीता परिवार की ओर से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दोनों प्रमुख अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद मोहन भागवत और सीएम योगी ने शिवम श्रीमद्भागवत गीता की पूजा अर्चना की। संत ज्ञानानंद महाराज ने दोनों नेताओं को श्रीमद्भागवत गीता की एक प्रति भेंट की। मंच पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन भी किया गया।




सीएम योगी का बड़ा बयान — “लालच में धर्म परिवर्तन करना महापाप”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि—

> “अपने धर्म में मरना अच्छा है, लेकिन लालच में दूसरे धर्म को अपनाना महापाप है।”



सीएम योगी ने कहा कि गीता केवल धर्मग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने का मार्गदर्शन है। उन्होंने बताया कि धर्म में मृत्यु का वर्णन भी एक शेष सत्य है, जिसे समझना और जीवन में उतारना जरूरी है।




ज्ञानानंद महाराज: “गीता डिजिटल युग में भी पूरी तरह प्रासंगिक”

संत ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता आज के डिजिटल युग में भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सदियों पहले थी। उन्होंने कहा—

> “गीता डिस्ट्रक्टिव नहीं, बल्कि एक्सट्रैक्टिव है। स्मार्ट सिटी तब बनेगी जब इंसान स्मार्ट सिटीजन बनेगा। इसलिए गीता का अध्ययन बेहद जरूरी है।”



जिओ गीता परिवार के जनरल सेक्रेटरी प्रदीप मित्तल और मणि प्रसाद मिश्रा ने बताया कि गीता शिक्षा का यह आंदोलन न केवल भारत में बल्कि दुनिया के कई देशों में तेजी से फैल रहा है।




मोहन भागवत का संदेश — “परिस्थितियां बदलती हैं, लेकिन हम बने रहते हैं”

मोहन भागवत ने गीता के सार और उसके स्थायी महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा—

> “अर्थ और काम की कमी कभी नहीं थी, फिर भी धर्म का पालन करने वाला हजारों वर्षों तक आदर्श बना रहता है।”



उन्होंने अर्जुन के मोह का उदाहरण देते हुए कहा कि—

> “अर्जुन जैसे मजबूत व्यक्ति भी जब मोह में पड़ जाते हैं तब गीता का उपदेश आवश्यक हो जाता है। परिस्थितियां आती जाती रहती हैं, लेकिन सच यह है कि ‘हम हैं’।’’



भागवत ने राजा जनक की प्रसंग कथा सुनाकर बताया कि जीवन में परिस्थितियां क्षणिक होती हैं, लेकिन आत्मसत्य स्थायी होता है।




जिओ गीता परिवार का मिशन — हर घर तक गीता का ज्ञान

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जिओ गीता परिवार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक गीता का सार पहुंचाना है, ताकि लोग केवल पढ़ें ही नहीं बल्कि उसे जीवन में उतारें।

जनेश्वर मिश्रा पार्क में पहली बार आयोजित इस दिव्य उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विद्यार्थी और चिंतक उपस्थित रहे।

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