यूपी में मदरसा टीचर बचाने वाला विधेयक रद्द: अब गलती पर पुलिस सीधे एक्शन लेगी
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के समय लागू किए गए उस विधेयक को वापस ले लिया है, जो मदरसा शिक्षकों और कर्मचारियों को पुलिस कार्रवाई से छूट देता था। अब किसी भी मदरसा टीचर या कर्मचारी पर गलती, अनियमितता या अपराध का आरोप लगने पर पुलिस सीधे कार्रवाई कर सकेगी।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि यह विधेयक साल 2016 में सपा सरकार में पास हुआ था। इसमें प्रावधान था कि मदरसों के किसी भी कर्मचारी या शिक्षक पर न तो जांच हो सकती थी और न ही FIR दर्ज हो सकती थी। इसे राज्यपाल राम नाईक ने संविधान के खिलाफ बताया और बिल को राष्ट्रपति के पास भेज दिया।
राष्ट्रपति ने भी इस विधेयक को लौटा दिया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने कहा कि नया विधेयक संविधान के दायरे में बनाया जाए। इसी आधार पर यूपी कैबिनेट ने पुराना बिल वापस लेने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया।
⚡ UP कैबिनेट के 3 बड़े फैसले
- विशेषज्ञ चिकित्सक एवं चिकित्सा शिक्षक भर्ती बोर्ड बनेगा
अब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती UPPSC के माध्यम से होती थी, जिससे भर्ती प्रक्रिया देर से पूरी होती थी।
नए बोर्ड से—
भर्ती तेज होगी
अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी - काशी विधिक क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन
काशी–विंध्यांचल क्षेत्र के समग्र विकास के लिए नया प्राधिकरण बनेगा। यह—
कॉरिडोर विस्तार
पर्यटन बढ़ाने
क्षेत्रीय विकास
पर काम करेगा।
काशी नरेश राजकीय राज कोत्तर महाविद्यालय, ज्ञानपुर भदोही को काशी नरेश विद्यालय भदोही के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव पास किया गया। - शाहजहांपुर में नया विश्वविद्यालय
शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवंद विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।
यह मुमुच्छ आश्रम ट्रस्ट के तहत हाई-टेक सुविधाओं के साथ बनाया जाएगा।
इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 में संशोधन पास किया गया।
📝 अन्य प्रमुख प्रस्ताव
लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल के संचालन, स्वच्छता और देखरेख के लिए नई समिति बनाई गई।
इसके लिए हर साल निश्चित बजट जारी किया जाएगा।