Saturday, January 17, 2026
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अमेरिका ने नाइजीरिया में ISIS ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की: ट्रंप बोले—“मार गिराए आतंकियों को क्रिसमस की बधाई”, ईसाइयों पर हमलों को बताया बड़ा खतरा

अमेरिका ने नाइजीरिया में मौजूद आतंकी संगठन ISIS के ठिकानों पर गुरुवार देर रात एक बड़ी एयरस्ट्राइक की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए दावा किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह “परफेक्ट स्ट्राइक” थी। ट्रंप का आरोप है कि नाइजीरिया में ISIS और उससे जुड़े कट्टरपंथी संगठन ईसाइयों को निशाना बनाकर लगातार हत्याएं कर रहे थे।
ट्रंप ने आतंकियों को “आतंकी कचरा” कहते हुए लिखा कि अमेरिका इस्लामी कट्टरपंथी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा। उन्होंने यह भी कहा कि मारे गए आतंकियों को भी “क्रिसमस की बधाई”—यह संदेश देकर ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका आगे भी ऐसे ही ऑपरेशन जारी रख सकता है।
नाइजीरिया के सुकोतो राज्य में हमला
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी पुष्टि की कि एयरस्ट्राइक नाइजीरिया सरकार के सहयोग से की गई। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अमेरिकी अफ्रीका कमांड के अनुसार, इस ऑपरेशन में ISIS से जुड़े कई आतंकवादी मारे गए हैं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमला कब और किन लक्ष्य बिंदुओं पर किया गया।
नाइजीरिया में बढ़ती धार्मिक हिंसा
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन InterSociety की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से 10 अगस्त के बीच नाइजीरिया में धार्मिक हिंसा की वजह से 7,000 से अधिक लोगों की हत्या हुई है। बोको हराम, फुलानी लड़ाकों और ISIS-affiliated संगठनों को इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
नाइजीरिया की आधी आबादी ईसाई और आधी मुस्लिम है, इसलिए कई बार हमलों को सिर्फ धर्म आधारित नहीं बल्कि जातीय, जमीन और आतंकी नेटवर्क की वजह से भी जोड़ा जाता है।
ट्रंप की पुरानी चेतावनी
ट्रंप ने 2 नवंबर को नाइजीरिया को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि ईसाइयों पर हमले नहीं रुके तो अमेरिका नाइजीरिया को दी जाने वाली आर्थिक सहायता रोक देगा। उन्होंने अपने ‘डिपार्टमेंट ऑफ वार’ (यानी रक्षा मंत्रालय) को संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी के निर्देश भी दे दिए थे।
नाइजीरिया सरकार की प्रतिक्रिया
नाइजीरिया सरकार का कहना है कि हिंसा को केवल धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि आतंकियों के हमलों में दोनों समुदायों के लोग मारे जाते हैं। सरकार ने यह भी कहा कि आतंकवाद खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर रणनीति और खुफिया जानकारी साझा की जा रही है।नाइजीरिया में आतंकवाद पिछले 10 वर्षों से सबसे बड़ा सुरक्षा संकट बना हुआ है।
कई गांवों में सुरक्षा बलों की कमी के कारण हमले रोकना मुश्किल हो जाता है।
सोशल मीडिया पर भी हमलों से जुड़े वीडियो और रिपोर्टें लगातार सामने आती रही हैं।
अमेरिकी हस्तक्षेप को कई देश “मानवाधिकार सुरक्षा कदम” के रूप में देख रहे हैं।
धार्मिक स्वतंत्रता पर दुनिया भर के देशों की निगाह अब नाइजीरिया पर है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई जगह आतंकी समूह बच्चे और महिलाओं को भी निशाना बनाते रहे हैं।
अफ्रीकी देशों में ISIS का प्रभाव पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है, खासकर नाइजीरिया, नाइजर और माली में।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ऑपरेशन अफ्रीका में अमेरिका की सुरक्षा नीति को और आक्रामक बना सकता है। QUESTION
क्या नाइजीरिया में बढ़ती हिंसा सिर्फ धार्मिक कारणों से है या इसके पीछे बड़े आतंकी नेटवर्क?
क्या अमेरिकी एयरस्ट्राइक से वास्तव में आतंकवाद कमजोर होगा?
नाइजीरिया सरकार क्यों इतने लंबे समय से इन हमलों पर काबू नहीं कर पा रही है?
क्या अमेरिका आगे भी अफ्रीकी देशों में ऐसी सैन्य कार्रवाई करेगा?
क्या नाइजीरिया में ईसाई समुदाय के खिलाफ हिंसा पर विश्व समुदाय पर्याप्त कदम उठा रहा है?यह पूरी खबर आपको Rashi Update की तरफ से दी जा रही है, जहाँ हम हर अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय खबर को तेज़, सटीक और सरल भाषा में आपके सामने रखते हैं। हमारे चैनल और वेबसाइट पर आपको हर मुद्दे की गहराई, उसका असर और सच्चाई मिलती है।

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