मेरठ कपसार हत्याकांड: मां की हत्या, बेटी किडनैपिंग और गांव में कर्फ्यू जैसे हालात | ग्राउंड रिपोर्ट
मेरठ के कपसार गांव में 8 जनवरी को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे पश्चिमी यूपी को झकझोर कर रख दिया। गांव में एक मां की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा कर लिया गया। आरोपी पारस सोम बेटी रूबी को लेकर फरार हो गया था, जिसे दो दिन बाद करीब 130 किलोमीटर दूर सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया।
बेटी का बयान: “मां मेरी जिंदगी की सबसे अनमोल चीज थी”
कोर्ट में दिए बयान में रूबी ने कहा कि उसे जबरन ले जाया गया। आरोपी के पास तमंचा था और उसने धमकी दी थी कि जैसे मां को मारा है, वैसे ही मुझे भी मार देगा। डर के कारण ट्रेन में वह चिल्ला भी नहीं पाई।
गांव में कर्फ्यू जैसे हालात
घटना के बाद कपसार गांव पूरी तरह छावनी में तब्दील हो गया है। गांव में 14 एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं, जहां बिना आधार कार्ड दिखाए किसी को भी प्रवेश नहीं मिल रहा। बाहरी नेताओं और मीडिया की एंट्री पर सख्त पाबंदी है।
हर गली, हर चौराहे पर पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस की तैनाती है। पीड़िता के घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
गांव वालों की मुश्किलें
ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिनों से वे गांव में कैद होकर रह गए हैं। न सब्जी आ पा रही है, न फल। दुकानों में सामान खत्म हो चुका है। स्कूल जा रहे बच्चों को शिक्षक खुद घर तक छोड़ रहे हैं। मोबाइल से वीडियो या फोटो बनाने पर भी रोक है, और सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
सियासत भी हुई गरम
इस घटना के बाद यूपी से लेकर दिल्ली तक राजनीति तेज हो गई। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए। नगीना सांसद चंद्रशेखर को मेरठ पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक लिया। मायावती ने भी ट्वीट कर घटना की कड़ी निंदा की और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
आरोपी पारस की मूवमेंट
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद पारस रूबी को लेकर पहले खतौली, फिर दिल्ली, गुरुग्राम और अंत में सहारनपुर पहुंचा। मीडिया कवरेज के जरिए वह गांव के हालात पर नजर रख रहा था। आखिरकार पुलिस ने उसे ट्रेन में पकड़ लिया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर धाराएं बढ़ाई हैं। हत्या, अपहरण, महिला की लज्जा भंग और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पारस को जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
क्या सीख मिलती है इस घटना से?
कानून व्यवस्था की परीक्षा असली हालात में होती है
पीड़ित परिवार की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए
सोशल मीडिया अफवाहें माहौल और बिगाड़ सकती हैं
अपराध के बाद सियासत नहीं, इंसाफ जरूरी है
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