Saturday, January 17, 2026
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बरेली में इंडियन एयरफोर्स के ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, तीनों क्रू सुरक्षित

बरेली में ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, तीनों क्रू मेंबर सुरक्षित

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सोमवार शाम इंडियन एयरफोर्स के एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। उड़ान के दौरान अचानक टेक्निकल खराबी आने पर पायलट ने समझदारी दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को मीरगंज इलाके के गोरा लोकनाथपुर गांव के पास एक सरसों के खेत में सुरक्षित उतार दिया। हेलीकॉप्टर में सवार तीनों क्रू—पायलट, को-पायलट और एक अन्य सदस्य—पूरी तरह सुरक्षित हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही 12 गाड़ियों में एयरफोर्स के अफसर और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस ने गांव वालों की भीड़ को नियंत्रित करते हुए पूरे इलाके को घेर लिया और सुरक्षा बढ़ा दी। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सेना की रिकवरी प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न पहुंचे, इसलिए ग्रामीणों और मीडिया को दूरी पर रखा गया।




मिशन पर था हेलीकॉप्टर, उड़ान के दौरान आई दिक्कत

एयरफोर्स के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था। शाम 4 बजे के आसपास उड़ान के दौरान अचानक टेक्निकल खराबी की सूचना मिली। पायलट ने तुरंत निर्णय लेते हुए खेत में सुरक्षित लैंडिंग की। हेलीकॉप्टर को भी कोई नुकसान नहीं हुआ है।

सेना के डिफेंस प्रो शान्तु प्रताप सिंह ने बताया कि पायलट ने समय रहते सही कदम उठाया, जिससे हादसा होने से बच गया। रिकवरी टीम मौके पर तकनीकी जांच कर रही है।




भीड़ जुटी, प्रशासन सक्रिय

हेलीकॉप्टर को खेत में उतरता देख कुछ ही मिनट में गांव के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर स्थानीय पुलिस, एसडीएम और सीओ तुरंत हरकत में आए। सुरक्षा घेरा बनाकर ग्रामीणों को दूर रखा गया और सेना की टीम को जांच के लिए पर्याप्त जगह दी गई।




ALH ध्रुव की खासियत — भारत का स्वदेशी हेलीकॉप्टर

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित ALH ध्रुव पूरी तरह स्वदेशी हेलीकॉप्टर है। इसकी प्रमुख खूबियां:

20,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम

हिमालय, सियाचिन और रेगिस्तान जैसे कठिन इलाकों में ऑपरेशन

ड्यूल इंजन से लैस

अधिकतम स्पीड: लगभग 250 किमी/घंटा

एक बार में 650 किमी उड़ान क्षमता

मॉडर्न स्क्रीन, नाइट विजन, स्मार्ट नेविगेशन

मिसाइल, रॉकेट और गन लगाने की क्षमता

MK1, MK2, MK3, MK4—चार वेरिएंट उपलब्ध


इसे जासूसी, सैनिकों के परिवहन, रेस्क्यू और अटैक मिशन जैसी कई भूमिकाओं में तैनात किया जाता है।




क्रैश के बाद 4 महीने तक ध्रुव grounded रहा था

5 जनवरी 2025 को पोरबंदर में कोस्ट गार्ड का एक ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था, जिसमें दो पायलट और एक क्रू मेंबर की मौत हो गई थी। जांच में ‘स्वैश प्लेट’ की खराबी सामने आई, जिसके बाद जनवरी 2025 से 300 से अधिक ध्रुव हेलीकॉप्टरों की उड़ान रोक दी गई।

गहन जांच और तकनीकी सुधारों के बाद मई 2025 में इंडियन आर्मी और एयरफोर्स के ALH ध्रुव को दोबारा उड़ान की मंजूरी दी गई थी।




भारत में ध्रुव की तैनाती

एयरफोर्स: 107

नेवी: 14

आर्मी: 191

कुल प्रोडक्शन (2024 तक): 400+ हेलीकॉप्टर





निष्कर्ष

बरेली में ALH ध्रुव की इमरजेंसी लैंडिंग ने एक बार फिर साबित किया कि सही ट्रेनिंग और तकनीकी दक्षता बड़े हादसों को टाल सकती है। क्रू की समझदारी और प्रशासन की तत्परता के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।


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