अयोध्या हनुमानगढ़ी में संत महेश दास को जिंदा जलाने की कोशिश! आधी रात आश्रम में फेंकी गई आग, पुलिस जांच तेज
अयोध्या हनुमानगढ़ी में संत महेश दास को जिंदा जलाने की कोशिश, आश्रम में फैली दहशतअयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में बड़ा मामला सामने आया है। गोविंदगढ़ आश्रम के संत महेश दास ने आरोप लगाया है कि उन्हें आधी रात जिंदा जलाने की कोशिश की गई। संत का कहना है कि यह हमला आश्रम की संपत्ति और पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है।रात 2:45 बजे कमरे में फेंका ज्वलनशील पदार्थसंत महेश दास ने बताया कि गुरुवार देर रात लगभग 2:45 बजे उनके कमरे की जाली काटकर किसी ने ज्वलनशील पदार्थ फेंका, जिससे बिस्तर में आग लग गई। उस समय संत दूसरे कमरे में सो रहे थे।उन्होंने कहा—> “जैसे ही आग मेरे बिस्तर तक पहुंची, गर्मी का एहसास हुआ। नींद खुली तो पूरा कमरा धुएं से भरा था। मैं भागकर बाहर निकला और शोर मचाया। शिष्यों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई।”आग लगने से कंबल और कमरे का काफी सामान जलकर राख हो गया।हत्या की साजिश का आरोपसंत ने दावा किया कि उन्हें मारने की साजिश काफी समय से चल रही है।उन्होंने बसंतिया पट्टी के महंत रामचरण दास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके इशारे पर कुछ लोग लगातार विरोध और षड्यंत्र कर रहे हैं।संत ने जिन लोगों के नाम लिए, उनमें शामिल हैं—लड्डू दास, मन्नू दास, मणिराम दास, ममता देवी, नीतू देवी, खुशबू और शिवानी।संत का कहना है कि—> “मेरे खिलाफ दुष्कर्म जैसे झूठे आरोप लगाने की भी कोशिश की जा चुकी है। आश्रम की संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए मुझे जिंदा जलाने तक का प्रयास किया गया।”दान-पात्र और आर्थिक धांधली का आरोपसंत महेश दास ने दावा किया कि बसंतिया पट्टी के महंत ने उन्हें मिलने वाली सभी सहायता बंद कर दी है और दान-पात्र से लगभग 2 करोड़ रुपये की धांधली हुई। इसकी शिकायत गद्दासीन महंत प्रेमदास से भी की गई थी।हनुमानगढ़ी की चार पट्टियां – सत्ता संरचनाहनुमानगढ़ी में चार प्रमुख पट्टियां हैं—उज्जैनियाबसंतियासागरीहरिद्वारीइन सबके ऊपर एक गद्दासीन महंत होता है। बसंतिया पट्टी के लगभग 40 आश्रम हैं, जिनमें से एक गोविंदगढ़ आश्रम में संत महेश दास सेवा देते हैं।स्थानीय लोगों की आशंका — रंजिश के कारण हमलास्थानीय लोगों के अनुसार, आश्रम में महेश योगी की गद्दी को लेकर विवाद चल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश के कारण आग लगाई गई।पुलिस की जांच जारीपुलिस ने मौके का निरीक्षण किया है और सीसीटीवी फुटेज व इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जांच शुरू कर दी है।अफसरों का कहना है कि—> “जल्द ही घटना के पीछे का कारण और दोषी सामने आएंगे।”हनुमानगढ़ी में पिछले 38 वर्षों में 12 संतों की हत्यासंत ने दावा किया कि पिछली चार दशकों में हनुमानगढ़ी में 12 बड़े संतों की हत्या हुई है, जिनमें शामिल हैं:दीन बंधुदास (1985), राम बालक (1986), रामज्ञा दास (1995), पगला बाबा (1997), सेवक दास (2015), शंकर दास (1991) आदि।संत महेश दास के रिकॉर्डसंत महेश दास ने बताया कि उन्होंने—1 करोड़ 51 लाख बार कपालभाति किया (1661 घंटे में)रोज़ 11 घंटे कपालभाति साधना करते हैंसरयू नदी में 13,000 डुबकियां लगाने का दावागोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्जहनुमानगढ़ी मंदिर का इतिहासलगभग 1000 साल पुराना मंदिर स्थल300 साल पुराना किलायहाँ तक पहुंचने के लिए 76 सीढ़ियाँ1925 में बना संविधान, उसी के अनुसार संचालनगैर-हिंदू लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध