कानपुर: BSF जवान विनोद कुमार पाल का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, पत्नी-बेटी रोकर बिखरीं—500 युवाओं ने तिरंगा लेकर दी अंतिम विदाई
BSF जवान विनोद कुमार पाल का पार्थिव शरीर कानपुर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पत्नी-बेटी शव से लिपटकर रोते रहे। हार्ट अटैक से अमृतसर में ड्यूटी के दौरान मौत हुई। 500 से अधिक युवाओं ने तिरंगा लेकर अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया। परिवार ने नौकरी और शहीद स्मारक की मांग की।
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कानपुर: BSF जवान विनोद कुमार पाल का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, पत्नी-बेटी रोकर बिखरीं—500 युवाओं ने तिरंगा लेकर दी अंतिम विदाई
अमृतसर में ड्यूटी के दौरान हुई हार्ट अटैक से मौत के बाद BSF जवान विनोद कुमार पाल (52) का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह कानपुर पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे परिवार और गांव में कोहराम मच गया। पत्नी, बेटी और बेटा अपने पिता के तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर से लिपटकर रोने लगे।
💔 परिवार में मचा कोहराम, तिरंगे में लिपटे शव को देखते ही फूट-फूट कर रोए परिजन
जवान का पार्थिव शरीर सबसे पहले कानपुर के कल्याणपुर स्थित मिर्जापुर घर लाया गया, जहां परिवार रह रहा था। इसके बाद सैन्य वाहन से शव को उनके गांव बहरामपुर, अरौल ले जाया गया।
गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिजन तिरंगे में लिपटे शव को देखते ही विलाप करने लगे।
🇮🇳 500 से अधिक युवाओं ने तिरंगा लेकर दी अंतिम विदाई
जवान की अंतिम यात्रा में 500 से अधिक युवा तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे।
“भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के नारे गूंज उठे।
गंगा घाट पर जवान को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
मुखाग्नि उनके बेटे ने दी।
🪖 कौन थे BSF जवान विनोद कुमार पाल?
उम्र: 52 वर्ष
गाँव: बहरामपुर, अरौल (कानपुर)
परिवार: पत्नी मीरा पाल, बेटा मयंक उर्फ बंटी, बेटी गीताशी, मां पार्वती देवी, भाई प्रमोद पाल
बड़े भाई मनोज पाल भी BSF में, वर्तमान में मणिपुर में तैनात
📌 3 दिन पहले ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
रविवार देर रात करीब 1 बजे अचानक ड्यूटी पर उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।
साथियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को पार्थिव शरीर अमृतसर से कानपुर भेजा गया।
🗣️ अंतिम बातचीत: “पापा बिल्कुल ठीक थे…”
बेटे और बेटी ने बताया—
रविवार रात 8 बजे वीडियो कॉल पर बात हुई थी
हालचाल पूछा था
ड्यूटी पर जाने की बात की थी
तबीयत ठीक थी
6 महीने पहले लीवर फैटी की समस्या थी, लेकिन अब सब ठीक था
बेटी बोली—
“पापा ने कहा था जल्द छुट्टी लेकर घर आएंगे…”
🏛️ परिवार की मांगें
परिवार ने सरकार से ये मांगें की हैं—
बच्चों को योग्यता अनुसार नौकरी
गांव में शहीद स्मारक बनाया जाए
गांव में शहीद विनोद कुमार पाल मार्ग बनाया जाए
📌 निष्कर्ष
BSF जवान विनोद कुमार पाल की शहादत ने पूरे क्षेत्र को गम में डुबो दिया है।
जवान ने देश की सेवा करते हुए प्राण त्यागे, और अंतिम यात्रा में जिस सम्मान के साथ उन्हें विदाई मिली, वह उनकी वीरता का सम्मान है।