सोमवार, दिसम्बर 1, 2025
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G20 घोषणा पत्र में भारत के एजेंडे की गूंज: UNSC सुधार, आतंकवाद पर सख्ती और डिजिटल-एआई सहमति

G20 घोषणा पत्र में भारत की कूटनीतिक जीत का बड़ा संदेश

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में भारत को कई बड़े कूटनीतिक समर्थन मिले। संयुक्त घोषणा पत्र में भारत के लंबे समय से उठाए जा रहे मुद्दों—विशेषकर सुरक्षा परिषद सुधार, आतंकवाद पर सख्ती और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर—को मजबूत अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला।




🇺🇳 UNSC सुधार पर दोहराया गया वैश्विक समर्थन

घोषणा पत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में परिवर्तनकारी सुधारों की जरूरत पर जोर दिया गया।

21वीं सदी की वास्तविकताओं के मुताबिक सुधार होने चाहिए

एशिया-प्रशांत को बड़ी प्रतिनिधित्व हिस्सेदारी की जरूरत

यह कदम भारत की स्थाई सदस्यता की लंबे समय से चली आ रही मांग को मजबूती देता है





🔥 आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस—भारत की आवाज को समर्थन

घोषणापत्र ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की सख्त निंदा की।
यह भारत के उस लंबे रुख को सीधा समर्थन है जिसमें पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद और वैश्विक आतंकी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाती रही है।




🌍 अफ्रीकी यूनियन को G20 की पूर्ण सदस्यता—भारत के प्रस्ताव को मंजूरी

घोषणा पत्र में पहली बार अफ्रीकी यूनियन को G20 का पूर्ण सदस्य बनाया गया।
यह भारत की 2023 की अध्यक्षता के दौरान उठाए गए प्रस्ताव का बड़ा परिणाम माना जा रहा है।




🚨 आपदा-रोधी ढांचे (CDRI) को मिली प्रमुख जगह

भारत की पहल Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (CDRI) को दस्तावेज़ में उल्लेखनीय स्थान दिया गया।
इसे देशों की

तैयारी,

पुनर्बहाली

और पुनर्निर्माण
के लिए महत्वपूर्ण ढांचा माना गया।





🔋 क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक ढांचा—भारत को बड़ी राहत

घोषणापत्र में क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन को

सुरक्षित,

स्थिर

और विविध
बनाने वाले नए ढांचे पर सहमति जताई गई।


यह भारत की बैटरी निर्माण, ईवी, ऊर्जा संकरण और सेमीकंडक्टर योजनाओं के लिए बेहद अहम है।




💻 डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई पर वैश्विक सहमति

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), जैसा कि भारत के UPI-Aadhaar मॉडल में देखा गया है, को समावेशी विकास का मॉडल माना गया।

विकासशील देशों के लिए बड़े अवसर

एआई को सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह ढांचे में विकसित करने पर सहमति


यह भारत की डिजिटल लीडरशिप की वैश्विक मान्यता है।




🕊️ वैश्विक संघर्षों पर भारत जैसा संतुलित रुख

घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून,

संप्रभुता,

क्षेत्रीय अखंडता

और शांतिपूर्ण समाधान
की नीति पर जोर दिया गया।


यूक्रेन, गाजा, सूडान और अफ्रीका के संघर्षों में न्यायपूर्ण और स्थाई शांति की जरूरत पर बल दिया गया—जो भारत के तटस्थ और संतुलित दृष्टिकोण के अनुरूप है।




💰 विकासशील देशों की वित्तीय चुनौतियों पर जोर

घोषणा पत्र में IMF-World Bank ढांचे में सुधार की जरूरत दोहराई गई।

मुद्दों पर सहमति:

कर्ज पारदर्शिता

वित्तीय स्थिरता

उच्च ब्याज दरों से निपटने में सहायता

विकासशील देशों के लिए फंडिंग बढ़ाने का आह्वान





⚡ ऊर्जा और जलवायु मोर्चे पर बड़ी प्रतिबद्धताएँ

2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना बढ़ाने की सहमति

स्वच्छ कुकिंग ईंधन (LPG सहित) के प्रसार पर बल

जलवायु फाइनेंस को “बिलियंस से ट्रिलियंस” तक बढ़ाने की भारत की मांग पर सहमति





🍽️ वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर चिंता

UN AMIS मॉडल को अपनाया गया ताकि—

खाद्य कीमतों की अस्थिरता कम हो

स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिले





👩‍🦰 महिलाओं और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम

घोषणापत्र में विशेष फोकस:

लैंगिक हिंसा रोकना

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना

युवाओं में NEET दर कम करना





🌐 माइग्रेशन और प्रवासी भारतीयों के अधिकारों को सुरक्षा

सुरक्षित माइग्रेशन और प्रवासी मजदूरों के हितों की रक्षा पर देशों ने सहमति दिखाई—जो भारत के लिए अहम कदम है।




निष्कर्ष: बहुपक्षीय सहयोग का नया संदेश

सत्र के अंत में सभी देशों ने बहुपक्षवाद को मजबूत करने, वैश्विक सहयोग बढ़ाने और 2026 के अमेरिकी अध्यक्षता वाले अगले G20 शिखर सम्मेलन में दोबारा मिलने की प्रतिबद्धता जताई।

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