जीविका दीदियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी—रोजगार के लिए ऋण वितरण शुरू
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 संपन्न होने के साथ ही राज्य में आचार संहिता हट गई है। इसके बाद सरकार और बैंकों की ओर से फिर से कल्याणकारी योजनाओं का काम तेज़ी से शुरू हो गया है। इसी क्रम में जीविका दीदियों के लिए रोजगार आधारित ऋण वितरण का बड़ा अभियान शुरू हो गया है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने शुरू की मेगा लोन ड्राइव
बुधवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की जसौली पट्टी शाखा, कोटावा में मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दी गई।
बैंक अधिकारियों के अनुसार—
जिले में 15,000 से अधिक जीविका दीदियों के खाते सेंट्रल बैंक में संचालित हैं।
अब तक ₹21 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है।
इस माह के अंत तक ₹30 करोड़ ऋण वितरण का लक्ष्य तय किया गया है।
कार्यक्रम में 100 समूहों को प्रति समूह ₹3 लाख की राशि उपलब्ध कराई गई। एक डमी चेक के माध्यम से करोड़ों की राशि का प्रतीकात्मक वितरण भी किया गया।
केवल जसौली पट्टी शाखा ने ₹3 करोड़ का लोन वितरण किया है।
महिला रोजगार योजना से भी मिलेगी मदद
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत
पहले चरण में ₹10,000 सीधे खाते में भेजे जा चुके हैं,
आगे महिलाओं को ₹2 लाख तक का रोजगार ऋण देने का वादा किया गया है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले समूहों को विशेष लाभ
जीविका डीपीएम गणेश पासवान ने बताया कि—
बेहतर प्रदर्शन करने वाले समूहों को ₹20 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए समूह संचालन, आर्थिक प्रबंधन और जीविका गतिविधियों के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है।
जीविका दीदियों के जीवन में आ रहा बड़ा बदलाव
कई जीविका दीदियों ने मंच से बताया कि जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। अब वे स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
कार्यक्रम का संचालन बच्चा कुमार यादव ने किया। मौके पर चीफ मैनेजर अभिनव आनंद, शाखा प्रबंधक मोहम्मद इस्तेखार, एफआई मैनेजर राजकुमार, और जीविका से जुड़े कई अधिकारी मौजूद थे।
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