सोमवार, दिसम्बर 1, 2025
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खेसारी लाल यादव विध्यांचल पहुंचे, बोले– चुनाव जीतना मकसद नहीं | राम मंदिर बयान पर फिर सफाई

खेसारी लाल यादव विध्यांचल पहुंचे, मां विंध्यवासिनी का किया दर्शन

बिहार विधानसभा चुनाव में राम मंदिर पर विवादित बयान देकर सुर्खियों में आए भोजपुरी एक्टर और आरजेडी प्रत्याशी खेसारी लाल यादव मंगलवार को मिर्जापुर के विंध्यांचल धाम पहुंचे। यहां उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किए और पूजा अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत की।

खेसारी ने कहा कि वे चुनावी फायदे के लिए नहीं, बल्कि अपनी आस्था के कारण विंध्यांचल आए हैं।

> “मेरे लिए चुनाव जीतना मायने नहीं रखता। मैं मां के दर्शन राजनीति के लिए नहीं करने आया हूं।”






“बिहार में सरकार बदलेगी, 70% से ज्यादा वोट पड़ा है”

विध्यांचल में दर्शन के बाद खेसारी ने बिहार की राजनीतिक स्थिति पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा—

> “इस बार 70% से ज्यादा वोट पड़ा है। जब भी इतनी बड़ी वोटिंग हुई है, सरकार बदली है। बिहार में आरजेडी गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।”



खेसारी लाल यादव इस बार छपरा सीट से लालू यादव की पार्टी आरजेडी के प्रत्याशी हैं।




राम मंदिर विवाद पर फिर सफाई — “आस्था अलग है, शिक्षा जरूरी”

चुनाव प्रचार के दौरान खेसारी का बयान—
“राम मंदिर में पढ़कर मैं मास्टर, प्रोफेसर या अफसर बन जाऊंगा क्या?”
काफी विवाद में आ गया था।

विध्यांचल में उन्होंने इस बयान पर फिर सफाई दी। खेसारी ने कहा—

> “राम मंदिर आस्था का विषय है। वहां पढ़कर कोई अफसर नहीं बन सकता। शिक्षा जरूरी है, देश शिक्षा से चलता है।”



उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा मंदिर का अनादर करना नहीं था।




“विधायक मेरे लिए पद नहीं, व्यवस्था सुधार लक्ष्य है”

खेसारी ने कहा कि चुनाव लड़कर विधायक बनना उनका अंतिम मकसद नहीं है।

> “विधायक मेरे लिए कोई पद नहीं है। जिस व्यवस्था के खिलाफ मैं लड़ रहा हूं, वो सुधर गई— वही मेरी जीत होगी।”



उन्होंने कहा कि बिहार में लोगों ने इस बार पलायन, बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दों पर वोट किया है।




“मां विंध्यवासिनी से मेरा पुराना संबंध है”

खेसारी ने बताया कि वे बचपन से मां विंध्यवासिनी के भक्त रहे हैं।

> “मैं यहां हमेशा से आता रहा हूं। श्रद्धा मेरे लिए विषय है, दिखावा नहीं।”



उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ केवल दिखावे के लिए नहीं होना चाहिए।




राजनीति से ऊपर श्रद्धा— खेसारी

पूरे दौर में खेसारी ने साफ कहा कि वे न चुनावी लाभ के लिए दर्शन करने आए हैं और न ही किसी दबाव में।

> “मां का आशीर्वाद मुझे हमेशा मिलता है। राजनीति बाद में, आस्था पहले।”

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