राबड़ी आवास आधी रात में खाली होने लगा: तेजस्वी–लालू पटना से बाहर, 20 साल बाद मिला नोटिस | Rashi Update
पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास से देर रात अचानक शिफ्टिंग शुरू होने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार देर रात 4–5 छोटी गाड़ियां आवास पहुंचीं और कई सामानों को गोला रोड स्थित गौशाला में शिफ्ट किया गया। वहां से इन्हें दूसरी जगह भेजा जा रहा है।
सबसे खास बात यह है कि शिफ्टिंग उस समय हो रही है जब लालू प्रसाद यादव दिल्ली में हैं और तेजस्वी यादव भी पटना से बाहर हैं। घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था।
हालांकि आरजेडी की ओर से अब तक इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन दृश्यों में गाड़ियों से पौधे और गार्डन से जुड़ी चीजें बाहर ले जाते लोग साफ नजर आए।
⭐ 1 महीने पहले मिला था सरकारी नोटिस
राबड़ी आवास को 20 साल बाद खाली करने का नोटिस 25 नवंबर को भवन निर्माण विभाग ने जारी किया था।
नोटिस में लिखा गया था कि बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए हार्डिंग रोड आवास संख्या 39 अलॉट किया गया है।
सूत्रों के अनुसार राबड़ी आवास से पिछले कुछ दिनों से सामान धीरे-धीरे महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित आवासों में भेजा जा रहा है। इस आवास को चरणबद्ध तरीके से खाली करने पर काम चल रहा है।
⭐ लालू परिवार नोटिस के खिलाफ एकजुट
नोटिस मिलने के बाद लालू परिवार की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी।
तेज प्रताप यादव ने लिखा था:
“छोटे भाई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बड़े भाई के बंगले को खाली करने का आदेश दे दिया।”
तेज प्रताप ने इसे नैतिक रिश्तों के अंत जैसा बताया था। उन्होंने कहा कि 28 साल पुराना भावनात्मक संबंध एक नोटिस से खत्म कर दिया गया।
⭐ रोहिणी की भावुक विदाई
नोटिस मिलने से 10 दिन पहले ही लालू की बेटी व किडनी डोनर रोहिणी आचार्या देर रात राबड़ी आवास छोड़कर चली गईं थीं।
एयरपोर्ट पर उन्होंने भावुक होकर कहा था—
“मेरा कोई अपना नहीं… जिन्होंने मुझे निकाला है, वही इसका जवाब दें।”
इसके बाद परिवार की अन्य बेटियां भी आवास से निकल गईं। तेज प्रताप पहले से ही परिवार से अलग रह रहे हैं।
वर्तमान में राबड़ी आवास में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनका परिवार रह रहा था।
⭐ राबड़ी आवास का राजनीतिक इतिहास
1997 में चारा घोटाले में मुकदमों के बीच लालू यादव को अपनी गिरफ्तारी तय लग रही थी।
उन्होंने इस्तीफा देकर अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया, जिसके बाद 10 सर्कुलर रोड का यह आवास बिहार राजनीति का मुख्य केंद्र बन गया।
लालू 1997 में जेल भी गए, लेकिन आरजेडी अध्यक्ष बने रहे। 2005 में यह आवास आधिकारिक रूप से राबड़ी देवी को अलॉट किया गया था।
⭐ वर्तमान स्थिति
रात में शांति के बीच शिफ्टिंग से यह स्पष्ट है कि आवास खाली करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
हालांकि सरकार या आरजेडी की ओर से अंतिम पुष्टि अभी बाकी है, पर घटनाएं बताती हैं कि आने वाले दिनों में लालू परिवार किसी नए ठिकाने पर शिफ्ट हो सकता है।
❓ पाठकों के लिए 5–10 महत्वपूर्ण सवाल (AdSense-Friendly Expansion):
राबड़ी आवास को खाली करने का आदेश अचानक क्यों सक्रिय हुआ?
क्या यह राजनीतिक तनाव का संकेत है या सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया?
तेजस्वी के बाहर होने के समय शिफ्टिंग का क्या मतलब निकाला जाए?
रोहिणी और अन्य बेटियों के आवास छोड़ने के बाद परिवार में क्या चल रहा है?
क्या लालू परिवार नए आवास में राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेगा?
क्या नोटिस को कानूनी चुनौती दी जाएगी?
क्या यह बदलाव बिहार की राजनीति पर कोई बड़ा प्रभाव डालेगा?
क्या राबड़ी आवास को किसी नए वीआइपी को अलॉट किया जाएगा?
इस मामले पर नीतीश सरकार का आधिकारिक पक्ष कब आएगा?
जनता इस कदम को किस नजर से देख रही है?